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उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति — युवाओं के लिए सब्सिडी और वित्तीय सहायता
DNI स्ट्रेटेजिक गाइडेंस (हमारे छात्रों के लिए)
यदि आपने Digital Nation INN Academy से एडवांस वेब डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग, एसईओ (SEO) या ई-कॉमर्स मैनेजमेंट का कोर्स पूरा कर लिया है, तो आप सिर्फ एक फ्रीलांसर नहीं बल्कि एक रजिस्टर्ड स्टार्टअप बन सकते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की स्टार्टअप नीति के तहत आईटी, डिजिटल सर्विसेज और टेक-बेस्ड एग्रो/लोकल बिजनेस को विशेष प्राथमिकता और आर्थिक अनुदान दिया जा रहा है।
मिलने वाले प्रमुख वित्तीय लाभ और सब्सिडी
यूपी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को मिलने वाली आर्थिक मदद निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित है:
1. मासिक गुजारा भत्ता (Sustenance Allowance)
चयनित स्टार्टअप्स को उनके शुरुआती आइडिया को प्रोडक्ट में बदलने के लिए 1 वर्ष तक ₹17,500 प्रति माह (महिला/दिव्यांग/SC-ST के लिए ₹20,000) का भत्ता मिलता है।
2. प्रोटोटाइप ग्रांट (Seed Funding)
अपने डिजिटल प्रोडक्ट, सॉफ्टवेयर या न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद (MVP) के बाजार विपणन और लॉन्चिंग के लिए ₹7.5 लाख तक की सीड फंडिंग दी जाती है।
3. पेटेंट और मार्केटिंग रीइम्बर्समेंट
अगर आप कोई यूनीक सॉफ्टवेयर या तकनीक विकसित करते हैं, तो पेटेंट कराने पर लागत का खर्च और राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में मार्केटिंग के लिए विशेष फंड मिलता है।
प्रयागराज, कानपुर और लखनऊ जैसे तेजी से बढ़ते बाजारों में डिजिटल और हाइपरलोकल स्टार्टअप्स के लिए अपार संभावनाएं हैं। सरकारी फंड पाने की पहली सीढ़ी एक मजबूत “Business Pitch Deck” और “Working MVP” (वर्किंग मॉडल) होना है, जिसे हम अपनी प्रैक्टिकल वर्कशॉप्स में लाइव तैयार करवाते हैं।
आवेदन करने की चरणबद्ध प्रक्रिया (Step-by-Step)
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1DPIIT रजिस्ट्रेशन (Entity Registration)
सबसे पहले अपनी फर्म (Proprietorship/LLP/Private Limited) को भारत सरकार के Startup India पोर्टल पर रजिस्टर करके DPIIT सर्टिफिकेट प्राप्त करें।
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2UP Startup Portal पर लॉग इन
DPIIT नंबर मिलने के बाद, उत्तर प्रदेश के आधिकारिक ‘Start-in-UP’ गेटवे पर जाएं और उत्तर प्रदेश राज्य के अंतर्गत मान्यता के लिए प्रोफाइल सबमिट करें।
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3इंक्यूबेशन और इवैल्यूएशन
यूपी सरकार से जुड़े किसी भी नजदीकी मान्यता प्राप्त इंक्यूबेशन सेंटर (जैसे आईआईटी कानपुर, आईआईएम लखनऊ या बीएचयू) से अपने आइडिया को वैलिडेट करवाएं।
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4वित्तीय प्रोत्साहन (Incentives) का दावा
एक बार राज्य स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद, आप पोर्टल के डैशबोर्ड से सीधे ‘Sustenance Allowance’ और ‘Seed Fund’ के लिए ऑनलाइन क्लेम फॉर्म भर सकते हैं।