UP CM Helpline (Jansunwai)
प्रशासनिक समस्याओं और जनशिकायतों के सीधे व त्वरित निवारण का आधिकारिक राज्य स्तरीय पोर्टल
DNI सिटिजन गाइडेंस (पारदर्शिता और त्वरित न्याय)
एक जागरूक नागरिक और डिजिटल पेशेवर होने के नाते, आपको शासन की पारदर्शी प्रणालियों की जानकारी होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार का Jansunwai-Samadhan Portal राज्य के नागरिकों की किसी भी प्रशासनिक समस्या, स्थानीय भ्रष्टाचार, जमीनी विवाद, या जनसुविधाओं से जुड़ी शिकायतों को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों तक पहुँचाने का सबसे सशक्त माध्यम है। यहाँ दर्ज की गई हर शिकायत की एक निश्चित समय-सीमा (Timeline) के भीतर जवाबदेही तय होती है।
शिकायत दर्ज करने के प्रमुख माध्यम (Channels)
नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार निम्नलिखित डिजिटल या टेलीफोनिक माध्यमों से अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं:
CM Helpline
टोल-फ्री नंबर पर सीधे कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं। यह सेवा 24/7 चालू रहती है।
Jansunwai Website
आधिकारिक जनसुनवाई वेबसाइट पर जाकर लिखित में शिकायत दर्ज करें और डाक्यूमेंट्स अपलोड करें।
JanSunwai App
गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड करके सीधे अपने स्मार्टफोन से शिकायत भेजें और ट्रैक करें।
ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने और ट्रैक करने की प्रक्रिया
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1शिकायत पंजीकरण (Grievance Registration)
जनसुनवाई पोर्टल पर ‘शिकायत दर्ज करें’ (Register Grievance) विकल्प पर जाएं, अपना मोबाइल नंबर डालकर OTP से वेरीफाई करें।
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2विवरण और विभाग का चयन
अपनी शिकायत का पूरा विवरण साफ शब्दों में लिखें, अपने जिले/तहसील/ब्लॉक का चयन करें और संबंधित विभाग (जैसे बिजली, पुलिस, राजस्व) को चुनें।
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3सन्दर्भ संख्या (Grievance ID) प्राप्त करना
सफलतापूर्वक सबमिट होने पर स्क्रीन पर एक यूनिक ‘सन्दर्भ संख्या’ जनरेट होगी, जो आपके मोबाइल पर भी SMS के माध्यम से भेजी जाएगी।
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4स्थिति की जाँच (Track Status) और फीडबैक
‘शिकायत की स्थिति’ विकल्प में जाकर आप देख सकते हैं कि आपकी समस्या पर किस अधिकारी ने क्या कार्रवाई की। यदि आप समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, तो ‘रिमाइंडर’ या फीडबैक भी भेज सकते हैं।
डिजिटल साक्षरता केवल काम ढूंढने या सोशल मीडिया चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने अधिकारों के लिए सही डिजिटल माध्यम का उपयोग करना भी इसका मुख्य हिस्सा है। जनसुनवाई पोर्टल व्यवस्था को जवाबदेह बनाता है। जब आप अपनी या समाज की समस्याओं के लिए इस मंच का सदुपयोग करते हैं, तब आप सच्चे अर्थों में ‘डिजिटल नागरिक’ बनते हैं।